मन (Manomaya Kosha)

Sanika 18 11, 2010

मन गंदगी व्यक्तिगत विचारों और विचार कर रहे हैं. तुम्हें पता है तुम कौन हो तुम क्या लगता है की पुण्य से. इस स्तर पर जो तुम दुनिया के कच्चे डेटा दुनिया को सार्थक बनाने की प्रक्रिया है. मन की भावनाओं, भावनाओं, यादों और मस्तिष्क के अन्य उपयोग भी शामिल है. ऋषियों एहसास हुआ कि मन अपने स्वयं के अदृश्य क्षेत्र, निजी यादें और विश्वास है कि हम के रूप में कर्मठता से नुकसान पहुंचाया जा रहा है के रूप में हम हमारे भौतिक शरीर के पोषण के खिलाफ बचाव का एक क्षेत्र में आयोजित किया जाता है.

चेतना अनुभव सीमाओं के बिना ब्रह्मांड में खेल के इस स्तर पर, मन कहीं भी उड़ान भरने के लिए जाना, कुछ कल्पना. यह है अपने मन को किसी भी तरह से दुनिया की व्याख्या करने के लिए स्वतंत्र है, और दुर्भाग्य से, स्वयं के तरीके अज्ञान का कुछ भी शामिल है. यह करने के लिए मन की सीमा सीमा असंभव है, लेकिन कई लोगों को स्वतंत्रता का उपहार डर. इस स्तर पर हम स्वयं बनाया सीमाओं के खिलाफ संबंध है विश्वास, भय और पक्षपात के रूप में कर रहे हैं.

मन अधिक व्यक्तिगत रूप से सामूहिक है. मैं अपने महान विचारों और यादों की भावना में "मेरे मन" कहते हैं, लेकिन हमारे विचार का 90% समुदाय और इसके कई विकृतियों से भर्ती कर रहे हैं. यादों का एक बहुत कुछ साझा कर रहे हैं, और सोचा की बहुत कपड़े - भाषा - एक सामूहिक रचना है. इसलिए ऋषि कहते हैं कि मन पहली Kosha जहां जुदाई पर पूरी की तस है.

दीपक चोपड़ा "अनन्त जीवन" का विस्तार

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